सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

TERI YAAD MEN DIL DEEWANA MERA तेरी याद में दिल दीवाना मेरा

तेरी याद में दिल दीवाना मेरा |

भले ही हो दुश्मन जमाना मेरा||
चाँद-तारे जमीं पे हैं उतरे, और उतरे फरिश्ते गगन से |
भीगे दामन से यादों में तेरी, फूल मैंने चुगे उपवन से |
तू वहाँ है मैं यहाँ हूँ, दिल फकीराना मेरा।।
भगती करते हैं साधु ये तेरी, मेरे दिल में तो तुम बस रहे हो |
हम भी तेरे हैं दिल भी तेरा, मेरे दिल में ये तुम कह रहे हो |
तेरा अँगना मेरे सतगुरु है ठिकाना मेरा।।
ये दुनियाँ सदा ना रहेगी, सतगुरु इतना तो जानता हूँ |
तुम मेरे हो मेरे रहोगे, युग-युग से ये मैं जानता हूँ |
ये मेरा दिल तेरी महफिल में मस्ताना तेरा।।
मेरे फुलसन्दे वाले बाबा मेरी नस-नस में तुम बस रहे हो |
दोनों दुनियाँ में बस तुम ही तुम हो, चाँद तारों में तुम हँस रहे हो।
यहाँ भी तू वहाँ भी तू, दुनियाँ नज़राना तेरा।।


दोहा :-
"मेरी धूल को ठोकर से उड़ा रहे हैं लोग,
इस तरह मुझसे वफा निभा रहे हैं लोग।
मैं जिनके जख्मों को जीभ से चाटता रहा।
आज मेरे जख्मों को दु:खा रहे हैं वो ही लोग।।।"

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