यार को हमने जां बजां देखा-
yar ko hamne ja baja dekha -
ek tu sachcha tera naam sachcha lyrics
अगर तंग दस्ती ज सख्ती मुनाल
के पेशे खिरदमन्द हेचस्तमाल||
अगर तू गरीब है तो हाय तोबा ना कर ज्ञान दौलत से बहुत उच्च है तू उसका खोज
कर ।
न दार दखिरदमन्द अज फुक्रे आर
के बाशद नबीराज फक इफतकार ||
विनम्रता को तू ओछा मत जान विनम्र आदमी फकीर से बादशाह हो जाता है ।
गनीरा जरो सीम
आरायस्त
व लेकिन
फकीर अन्दर आशायस्त ||
मालदारों को तो दौलतो से सुख है पर फकीर और
सतपुरूष तो उस परमेश्वर के
अविनाशी प्रकाश में सदा विश्राम करते हैं,अनन्त चिर शान्ति युक्त
विश्राम..!
“यार को हमने जां बजां देखा |
कहीं जाहिर कहीं छुपा देखा ।।
कहीं बुलबुला कहीं दरया |
कहीं बंन्दा कहीं खुदा देखा ।।
कहीं रिन्दो का पेशवा देखा ।।
कहीं तो बादशाहे तख्त नशीं |
कहीं कासा लिये फिरा देखा ।।“
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गनी गर ना बाशी
मकुन इस्तराब
के सुल्तान खाहद
खिराज अज खराब||
अगर तू मालदार नहीं है तो गम ना कर तू
परमेश्वर की याद में लगा रह,शैतान यानी पाप तुझे ना
सतावेगा,और ना कर्ज वसूल करने के लिये तेरी चमड़ी उधेड़ेगा,इस लिये खुद को तू
सौभाग्यशाली जान ।
कनात बहरे हाल
ओला तरस्त
कनात कुनद हर
के नेक अख्तरस्त।
दया और करूणा और संतोष से आत्मा को प्रकाशित
कर,ये ही तुझे महान सौभाग्य प्रदान करेंगे।
ज नूरे कनाअत
ब अफरोजजाँ
अगर ख्वाही अज
नेक बख्ती निशाँ।
करूणा,क्षमा,शान्ति से अपनी आत्मा
प्रकाशित कर ताकि तेरी नेकी का निशान तेरे बाद भी दुनियाँ में लोगों के बीच कायम
रहे ।
“हथेली
पर लिये सर इश्क के बाजार में आया
मैं जिस
सरकार का बंदा था उस सरकार में आया ।।
ये कैफयत
कहाँ दैर हरम की सजदे
गाहों
में जो लुत्फ जब्बाशाही आसताने यार में आया ।। नशेमन है ना वो गुल है ना साकी
आशियाँ कोई
कफस से
छूट कर नाहक ही मैं गुलजार में आया ।।
गमे
नाकामिये किस्मत की दुनियाँ से शिकायत क्या
वही
बेहतर है बस जो भी मिजाजे यार में आया ।।“
तालिबाने
दुनियाँ मकहूर अन्द
तालिबाने
उक्बामजदूर अन्द
तालिबाने
मौलामसरूरअन्द||
जो संसार की इच्छा करते हैं वो सदा मुसीबत और
तृष्णा मे जलते रहते हैं,जो स्वर्ग पाने की
इच्छा से तप करते हैं वे मजदूरों की तरहा व्यर्थ का श्रम करने वाले लोग हैं, परमेश्वर के प्रेम में
लीन आत्मा वाले सतपुरूष धन्य हैं,उन्हें लोक परलोक में
सब जगह आनन्द ही आनन्द है और रोशनी ही रोशनी है ।
दिला रास्ती
गर कुनी अख्तयार
शबद दौलते
हम दनो बख्तयार||
अ दिल अगर तू सच्चाई अख्तयार करे तो होवे
दौलतें तेरी दोस्त और होवे नसीब मददगार ।
ना पेचद
सरज रास्ती होशमन्द
के अज
रास्ती नाम गर्दो बुलन्द||
“ना फेर सर सच से होशमन्द,
सच से तू होवे बुलन्द ।
जब मुर्सरत करीब आई है ,
गम ने क्या क्या हंसी उड़ाई है ।।
दिल दहल जाता है किनारों का
जब
मेरी नाव डगमगाई है ।।
बह गया का एक एक कतरा ,
तब चमन में बहार आई है ।।
मुझको अपने ही दे गये धोखा ,
अब ये
दुनियाँ समझ में आयी है ।।
कैसी तबीयत हमने पाई है ।।''
कलम गोयद के
मन शाहे जहानम कलमकसराबदौलतबररसानम।।
कलम कहता है कि मै बादशाह जहाँ का हूँ
कलम चलाने वाले को दे देता हूँ ऐसी दौलतें जो उसने सोची भी ना हों ।
अगर बद
बख्त बाशद मन चे दानम
वले इकबाल
बाशद मे रसानम||
कलम कहता अगर आदमी बदनसीबी से गिर भी
जावे फिर भी उसे एक बार जरूर उठा दूंगा।
मकून तकिया
बर उम्र ना पाएदार
मुबाश
ई मनज बाजी रोजगार ||
मत कर भरोसा उम्र ना पाएदार पे,
ना हो गाफिल उस रब से ।
दिलाहर
के ब निहाँद ख्वाने करम
बशुद नाम
दारद जहाँ ने करम ||
तू दूसरों पर अहसान कर ताकि
तेरा रब तुझपर अहसान करे |
अगर कोई तुझपर अहसान करता
है तो उसे याद
रख ।
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| "SATPURUSH BABA FULSANDE VALE " |
“आपको देखा तो देखता रह गया
क्या कहूँ और क्या कहने से रह गया ।।
आँधियों के इरादे तो कुछ कम ना थे
ये चराग किस तरहा जलता रह गया ।।
झूठ वाले बहुत आगे निकल गये मैं
जमाने में सच बोलता रह गया ।।
गायक :- सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले


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