दिल चरागों की तरहा जलता रहा
काँटों के रास्तों पे मैं चलता रहा।।
तुम समझ ही न पाए मुहब्बत मेरी
जिन्दगी भर मैं लपटों में जलता रहा।।
मैंने हर एक रुह को पुकारा मगर
हर कोई फेर के मुँह को चलता रहा।।
वो मुहब्बत नहीं जो रहे चार दिन
मैं तेरे गम में सदियों से जलता रहा।।
जख्मों को गिनना मेरी आदत नहीं
मैं तो तेरी खुशी को गिनता रहा।।
बाबा फुल सन्दे वाले बैठे रहे
और पूरब से चंदा निकलता रहा।।
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एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा
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| satpurush baba fulsande vale |
जो सच्ची रूहे हैं उन्हें कोई झुठला नहीं सकता।
सदियाँ गुजर गई हैं धरती पर पाप को रहते,
एक बूँद रोशनी को अंधेरा खा नहीं सकता।
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लेखक एवं गायक :-सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
ek tu sachcha tera naam sachcha lyrics


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