सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

दिल चरागों की तरहा जलता रहा dil charago ki taraha jalata raha

दिल चरागों की तरहा जलता रहा 

काँटों के रास्तों पे मैं चलता रहा।। 
तुम समझ ही न पाए मुहब्बत मेरी 
जिन्दगी भर मैं लपटों में जलता रहा।। 
मैंने हर एक रुह को पुकारा मगर 
हर कोई फेर के मुँह को चलता रहा।। 
वो मुहब्बत नहीं जो रहे चार दिन
 मैं तेरे गम में सदियों से जलता रहा।। 
जख्मों को गिनना मेरी आदत नहीं 
मैं तो तेरी खुशी को गिनता रहा।। 
और पूरब से चंदा निकलता रहा।।
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एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा 
ek tu sachcha tera naam sachcha, ek tu sachcha tera naam sachcha ke photo,satpurush baba fulsande vale
satpurush baba fulsande vale 
ek tu sachcha tera naam sachcha




मालिक की रोशनी को कोई बुझा नहीं सकता 
जो सच्ची रूहे हैं उन्हें कोई झुठला नहीं सकता। 
सदियाँ गुजर गई हैं धरती पर पाप को रहते, 
एक बूँद रोशनी को अंधेरा खा नहीं सकता।
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लेखक एवं गायक :-सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले 
ek tu sachcha tera naam sachcha lyrics

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