सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

दिल के हुजरे में है तेरा चाँदना dil ke hujare men hai chandana tera

दिल के हुजरे में है तेरा चाँदना 

जहाँ फ़रिश्ते करते हैं आराधना
स्वर्ग में और नरक में है तू ही तू 
सूरते इन्साँ में तू है हू-ब-हू 
हर जगह दीखे तेरा ही चाँदना।। 

भूल के तुझे जिन्दा रह सकता नहीं 
और तेरा गुण मुँह से कह सकता नहीं 
सूना तुझ बिन मेरे दिल का आँगना।। 

जो दुखावे दिल मेरा वो यार क्या जिसमें हस्ती ना मिटे 
वो प्यार क्या तेरे बिन नहीं कोई मेरा आशना ।। 

फुलसन्दे वाले बाबा क्या मुझे चाहिए 
थोड़ा-सा तेरा नूर मुझको चाहिए 
सतगुरु देओ ज्ञान का मुझे चाँदना ।।
satpurush baba fulsande vale,ek tu sachcha tera naam sachcha

महराब में अम्बर के एक चिराग बले हैं, 
ये दिल तुम्हारी चाह में बे-नियाज बले हैं। 
वीरानों से कहता फिरूँ हूँ फरिश्तों की बातें 
धरती पर हूँ मैं मगर दिल तेरे साथ बले हैं

गायक एवं लेखक :-प्रभु सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वाले 

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