सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

प्यार की झील में फूल खिलते रहे pyar kee jheel men phool

प्यार की झील में फूल खिलते रहे.

सपनों में देवता आके मिलते रहे 
जिन्दगी भर तेरी याद आती रही। 
चाँदनी रात में फूल खिलते रहे।।

स्वर्ग को जाने वालों से पूछे कोई 
इन गगन के फ़रिश्तों से पूछे कोई
रोशनी क्यों सितारों से आती रही।। 

हमने पूजा तुम्हें देवता की तरहा 
हमने चाहा तुम्हें जिन्दगी की तरहा 
तेरी बातें क्यों दिल को दुखाती रहीं।।

सतगुरु तुम मिले रोशनी की तरहा 
तेरी मुस्कान थी चाँदनी की तरहा
दिल के पर्दो से आवाज आती रही।।
तेरा उजियारा धरती पे संग-संग रहा 
तू मेरे साथ था मैं जहाँ भी रहा 

खुशबू फुलसन्दे में लहराती रही ।।


ना गुल चमन में रहेगा, ना गुल में बू बाकी | 
ये सब तुझी पर मिटेंगे, रहेगा तू बाकी ||

लेखक एवं गायक :- सतपुरुष  बाबा फुलसंदे वाले
*************************************

Post a Comment

0 Comments