तेरी आराधना कर सकूँ मुझे ऐसी शक्ति दे दे
पारब्रह्म परमेश्वर मुझको अपनी भक्ति दे दे
सतगुरु मेरी आत्मा को अब तो मुक्ति दे दे।।
दुनियाँ चलावै बाण फिर भी मैं मुस्कुराऊँ
दूसरों के औगुण चित्त में ना लाऊँ
सबको गले लगाऊँ मुझको ऐसी प्रीति दे दे।।
जो हो तेरा प्यारा वो मेरे दिल का प्यारा हो |
मेरे सर का ताज मेरी आँखों का तारा हो
तेरी रोशनी सबमें देखू ऐसी जुगति दे दे।।
साँसों के साज़ पे मैं तेरा नगमा गाऊँ |
मृत्यु के अंधियारे को यूँ ही पार कर जाऊँ |
कभी ना भूलूँ तेरा सुमरन ऐसी मति दे दे।। |
सतगुरु फलसन्दे वालों मैं तेरा दिया जलाऊँ |
दिल के अंधियारों को मैं दूर भगाऊँ |
सब मेरे हो जावें मुझको ऐसी सुमति दे दे।।
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| satpurush baba fulsande vale |
दामन ऐ मेरे दाग अब तो वो भी देखने लगे,
उम् गुजर गई जिन्हें मेरे सीने से लगे-लगे।
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लेखक एवं गायक :-सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वाले


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