तेरी अस्तुती में दिल का दिया जल रहा है।
जैसे जमीं से आसमा मिल रहा है।।
मैं फूलों की डाली झूमती बहारें।
मैं आकाश जिसमें है झिलमिल सितारे।।
मैं फूलों की डाली झूमती बहारें।
मैं आकाश जिसमें है झिलमिल सितारे।।
![]() |
| satpurush baba fulsande vale with yogi aaditynaath ji , |
मैं संसार सागर तू मेरा किनारा ।
जनम-जनम होवे, तेरा उजियारा।।
मैं अंगूर की बेल, तेरे चमन में ।।
मैं हूँ बनफूल, तेरी दुनियाँ के बन में।। | -
मैं अंगूर की बेल, तेरे चमन में ।।
मैं हूँ बनफूल, तेरी दुनियाँ के बन में।। | -
मैं एक पंछी हूँ तू एक गगन है। -
तू सच्चा मोती, सीप मेरा तन है।।
फुलसन्दे वाले, बाबा ये कहते।
फुलसन्दे वाले, बाबा ये कहते।
दिल को अब कौन समझता है के ख़ुदा का घर है।
सतगुरु हर दिल को तू मुहब्बत का घर कर दे,
अपने पैगाम से दुनियाँ में उजाला कर दे।
******************************


0 Comments
आपका हम स्वागत करते है