मेरे प्यार के माथे पे ठोकर मारने वाले
एक ना एक दिन तेरे भी दिल में पड़ेंगे गम के छाले ।।
किसी के दिल को तोड़ के चैन तुम ना पाओगे
दिल ही प्रभू का मन्दिर है एक दिन जान जाओगे
गुरु के दर को छोड़ के दर-दर धक्के खाओगे।।
सतगुरु तेरा प्यार ही है मेरी आराधना
तुम मेरे दिल का नूर हो तुम मेरे दिल का चाँदना
मेरे दिल का चाँदना परमेश्वर का है आँगना।।
दिल दरगाह में परमेश्वर का चाँदना झिलमिल होवे है
परमेश्वर भर भेष गुरु का ओढ़ चदरिया सोवे है
सतगुरु की गलियों में आके किस लिए तू रोवे है।।
फुलसन्दे वाले बाबा मेरा इतना कहन बजाइयो
जब ठोकर खाकर गिर जाऊँ आके मुझे उठाइयो
मेरा हाथ पकड़ के सतगुरु अपने घर ले जाइयो।।
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| सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले |
लेखक एवं गायक :-सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
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यहाँ महवेनाज़ है औलिया, यहाँ पाँव रखना रवाँ नहीं !
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यहाँ महवेनाज़ है औलिया, यहाँ पाँव रखना रवाँ नहीं !
यहाँ सर के बल चलो आशिको, ये दयारे बन्दा नवाज़ है।
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