सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

मुझे ऐसी नजर दे दे तेरा दीदार हो जाये mujhe aisi najar de de

                                एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा

                                          राग-शिवरंजनी 


मुझे ऐसी नजर दे दे तेरा दीदार हो जाये |
जो मुझको काँटे बख्शे उनसे भी मुझे प्यार हो जाये ।। 
ये दुनियाँ ऐसा गुलशन है, जिसे एक दिन उजड़ना है

दुआ कर ज़िन्दगी मेरी तुझी पे निसार हो जाये ।। 
करम इतना-सा बस मुझपे मेरी सरकार हो जाये।

जो मुझको देख ले, उसको तेरा दीदार हो जाये।। 
तेरे दर पे फ़रिश्तों ने जलाई प्यार की शम्मा

नज़र जिसपे गई तेरी, वही बेकरार हो जाये ।। 
तू सुल्ताने दो आलम है, मेरे फुलसन्दे वाले बाबा
हो तेरा प्यार जिसपे, खुदा को भी उस से प्यार हो जाये।।

                               राग-खमाज 
दुःख दरद काटो मेरे सतगुरु, अरज करूँ तेरे द्वारे,  
दीन दरद दुःख भंजना, दुःख मेटो आज हमारे ।

मैं हूँ पापी जनम-जनम का, मेटो सतगुरु लेख करम का
मैं हूँ बेसुध बीमार हे दाता, तुम हो वैद्य हमारे । 
दुःख दरद काटो मेरे सतगुरु, अरज करूँ तेरे द्वारे,  
दीन दरद दुःख भंजना, दुःख मेटो आज हमारे ।

जनम अकारथ मेरा जावै, पंख टूटा पक्षी ज्यों रुधन मचावै, 
तुम बिन कौन सम्भाले हे दाता, जग जीवन उजयारे ।
दुःख दरद काटो मेरे सतगुरु, अरज करूँ तेरे द्वारे,  
दीन दरद दुःख भंजना, दुःख मेटो आज हमारे ।
काल क्लेश में जलूँ रात-दिन, दुःख चिन्ता में जलूँ रात-दिन | 
फुलसन्दे वाले बाबा तुम्हें दिल मेरा दिन-रात पुकारे ।
दुःख दरद काटो मेरे सतगुरु, अरज करूँ तेरे द्वारे,  
दीन दरद दुःख भंजना, दुःख मेटो आज हमारे ।
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लेखक एवं गायक :-सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वाले 
ek tu sachcha tera naam sachcha,satpurush baba fulsande vale
satpurush baba fulsande vale 
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सतपुरुषों का दर्शन और उनके संग निवास महादुर्लभ है।

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