सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

लाख खुशियाँ मिलें लाख बादशाहियाँ satguru teri duaa saath rahe mere

लाख खुशियाँ मिलें लाख बादशाहियाँ |

सतगुरु जो मेहेर करे
सूखे बन भी हरे हो जावें, |
जनम-२ के पाप कट जावे |

सतगुरु जो मेहेर करे

खुल गये भाग जिसने सतगुरु पाया, 
नाम जपा भव सिन्धु सुखाया।।
आनन्द भया मेरी माये सतगुरु मैं पाया,

अंधियारा था घर मेरा अम्बर से चाँद ना आया।।

बिना गुरु कोई न पहँचे साहिब के दरबार,
उलझ-पुलझ काँटों में मरै दुनियाँ में होवै ख्वार ।।

अरज सुनो मेरी विनती सुनो बाबा फुलसन्दे वाले,

मेरे दिल में है अंधियारा, अंधियारे को उठा ले।।

ek tu sachcha tera naam sachcha,satpurush baba fulsande vale
DHANPATI KUBER DEVTA JI




सतगुरु तेरी दुआ साथ रहे मेरे
हर एक मुश्किल में तेरा हाथ हो सिर पे मेरे।

मेरी औकात है क्या, तुमने ही बनाया मुझको,

मैं तड़पता था के सीने से लगाया मुझको।

तुझपे कुर्बान दिलो जान है सदके तेरे।

बदनसीबों का नहीं है कोई जमाने में,
मैं तो बुझ जाता ना बुलाता जो त आस्ताने में।
सामने तू हो, तो फिर मौत भी कैसे घेरे।।

फूलसन्दे वाले बाबा, जब मेरा दम निकले.

तेरी तस्वीर हो आँखों में जब दम निकले।
याद जब तुझको करूँ खड़ा हो सिरहाने मेरे।।

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