सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

तेरी सूरत में अ सतगुरु, कुदरत का नजारा है। teri surat men a satguru ek tu sachcha

 तेरी सूरत में अ सतगुरु, कुदरत का नजारा है।

है पर्दा मेरी आँखों पे बे पर्दा नूर तुम्हारा है।।

आम हैं आज भी उनके जलवे,

हर कोई देख सकता नहीं है।

सबकी आँखों पे पर्दा पड़ा है,

उनके चेहरे पे पर्दा नहीं है।।


बिठाकर सामने तुमको,

फ़रिश्ते सज्दा करते हैं।

जला के आँखों के दीवे,

तुम्हारी पूजा करते हैं।।


यहाँ भी तू वहाँ भी तू

नज़र तुझे देख नहीं सकती।

तू खुद जब तक नहीं चाहवे,

ये दुनियाँ देख नहीं सकती।।



बिठाकर सामने तुमको तुम्हारी याद करता हूँ |

तेरे कदमों पे सर रख के, खुदा को सज्दे करता हूँ।।


तू आता है मेरे दिल में समझ में क्यों नहीं आता।

यही पहचान है तेरी तुझे छुआ नहीं जाता।।


मेरे फुलसन्दे वाले बाबा मुझे वो रोशनी दे दो।

करूँ दिन रात तेरी बन्दगी मुझे वो जिन्दगी दे दो।।


#ektusachchateranaamsachcha

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