हमने तेरा दीवा अंधियारों में जलाया है। ।
मेरे सतगुरु मेरे मेहरबाँ,
तेरे कदमों में मेरे दो जहाँ ।।
तारों से भरे हुए अम्बर में जब रात को चाँद निकलता है।
मेरे दिल के पर्दो से दीवा लिए, कोई देवता बाहर निकलता है।। |
जब मृत्यु के घोर अंधेरों को, मेरे प्राण पार करते हैं।
संग-संग चलते हैं देवता, संग-संग उजियार करते हैं।।
जिस लोक में भी रही आत्मा, तुम संग ही संग रहे मेरे।
बे पंख के अपने बच्चे को, जैसे, पंछी पंखों से रहे घेरे।।
फुलसन्दे वाले बाबा कहें परमेश्वर तो तेरे संग में है, |
तू देख नहीं सकता उसको क्योंकि तू दुनियाँ के रंग में है।।
हर जनम में तुम्हीं मिल गये,
फूल वीरानों में मिल गये।
मैंने माँगी दुआ रहम तूने किया,
तो जैसे धरती गगन मिल गये।।
सतगुरु मुझको दे दे उजाला,
रात-दिन तेरी पूजा करूँगा दिल के शीशे को निर्मल बना दे,
शीशे में तुझको देखा करूँगा।
आँसुओं से मुँह धो लिया है,
रुख को तेरी तरफ कर लिया है।
अपनी दुनियाँ लुटा कर के मैंने,
बदले में तेरा गम ले लिया है।। |
बाबा फुलसन्दे वाले बता दो,
सारी दुनियाँ क्यों मुझसे खफा है। |
दिलो जाँ जिनपे कुरबाँ किया है,
कहें वो भी हमें बेवफा है।
#ektusachchateranaamsachcha
#satpurushbabafulsandevale


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