सतगुरु मेरा मन था उजड़ा चमन -
तुमसे गुलजार हुआ है, तुमसे उजियार हुआ है।
तेरे चरणों की कसम मुझे जनम-जनम
तेरा दीदार हुआ है तुमसे ही प्यार हुआ है।।
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बेड़ा भटके है दुनियाँ की मझधार में धार में
दिल तड़पे है मेरा तेरे प्यार में प्यार में -
सतगुरु अविनाशी, अब तो काटो चौरासी
दिल बेकरार हुआ है।।
तेरी रोशनी को लेके फिरें देवता – फिरें देवता
जिक्र तारों में तेरा करें देवता - करें देवता
ये धरती आकाश सबमें तेरा परकाश जगमग उजियार हुआ है।।
लाख पतझड़ हों मुझको कोई गम नहीं-गम नहीं
रोशनी आपकी मुझको कम नहीं-कम नही
दुश्मन संसार हुआ है।।
बाबा फुलसन्दे वाले देओ हम को उजाले
ek tu sachcha tera naam sachcha
लेखक एवं गायक ; सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

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