सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतगुरु मेरा मन था उजड़ा चमन - satguru mera man tha ujada chaman

सतगुरु मेरा मन था उजड़ा चमन -

तुमसे गुलजार हुआ है, तुमसे उजियार हुआ है।

तेरे चरणों की कसम मुझे जनम-जनम

तेरा दीदार हुआ है तुमसे ही प्यार हुआ है।।

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बेड़ा भटके है दुनियाँ की मझधार में धार में

दिल तड़पे है मेरा तेरे प्यार में प्यार में -

सतगुरु अविनाशी, अब तो काटो चौरासी

दिल बेकरार हुआ है।।


तेरी रोशनी को लेके फिरें देवता – फिरें देवता

जिक्र तारों में तेरा करें देवता - करें देवता

ये धरती आकाश सबमें तेरा परकाश जगमग उजियार हुआ है।।



लाख पतझड़ हों मुझको कोई गम नहीं-गम नहीं

रोशनी आपकी मुझको कम नहीं-कम नही

दुश्मन संसार हुआ है।।

बाबा फुलसन्दे वाले देओ हम को उजाले

ek tu sachcha tera naam sachcha

लेखक एवं गायक ; सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले


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