दिल में चाहे तू अमरत भर-
ek tu sachcha tera naam sachcha
दिल में चाहे तू अमरत भर ले, चाहे जहर को भर ले |
सब कुछ है तेरे ही हाथ में, ओ बन्दे सब कुछ है तेरे ही हाथ में।
चाहे देवता बन जा, चाहे दानव तू बन जा बन्दे । |
तेरा करम है तेरे हाथ में, ओ बन्दे सब कुछ है तेरे ही हाथ में।।
ज्ञान अज्ञान सभी तुझमें है, तुझमे ही ब्रह्म समाया
मन ही तारे मन ही डुबावे, इतना समझ ना पाया
गुरु की भक्ति तू कर ले उजाला, मन में तू भर ले
जग में कोई चले ना तेरे साथ में ओ बन्दे तेरा करम है तेरे हाथ में।।
अपने भाग को क्यों तू कोसे, खुद ने ही भाग बिगाड़ा
सच्चे करमों को छोड़ के तूने पाप का झण्डा गाड़ा
एक दिन डूबेगा बीच भँवर में, अपने करमों के सफर में
कुछ भी ना आवे तेरे हाथ में - ओ बन्दे तेरा करम है तेरे हाथ में।।
ओ अन्धे सतगुरु है तेरे साथ में।।
फुलसन्दे वाले बाबा कहते सत का दीप जलाइये
बन्दे सत का दीप जलाइये
ज्ञान और गुरु को हिरदै धरिये जग में अमृत पाइये
जीवन मत ना गँवाइये भरम में, मत ना फँस जाइये
तेरी, मुक्ति है तेरे ही हाथ में, ओ बन्दे तेरा करम है तेरे हाथ में।
अखलाक से जीता करते हैं अहसान से मारा करते हैं,
दरिया पे बसर करने वाले, शबनम से गुजारा करते हैं


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