जीवन और मौत के घाट हे दो जहाँ तेरी जोत बले
जहाँ कोई ना संग चले वहाँ तू ही संग संग चले
नीचे समुन्द्र ऊपर अम्बर घट में जहर की बोझ थकान
जीवन और मोंत के घाट हें दो ........................
निरंकार तेरा चाँदना जल थल में रही समाय
गुरू विन पंछी प्यासा भटके प्यासा ही मर जाए
जीवन और मोंत के..............
EK TU SACHCHA TERA NAAM SACHCHA
गगन गुम्बद से चाँदना आवे हे दिन रात
आरती करे तेरी देवता उजियारा लिए हाथ
जीवन और मोत के..........................
भव सागर में भटके बेडा उठे लाख भंवर पटार
जहाँ जहाँ मेरा गुरू फिरें तहां तहां उजियारा
जीवन और मोत के.......................................
एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा
ek tu sachcha tera naam sachcha
लेखक एवं गायक :सतपुरुष बाबा फुलसंदे बाले


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