इस काया के महल में चिराग बलता है
ऋषि मुनि करते ध्यान चिराग बलता है
इस काया में नौलख तारे
इस काया में तीरथ सारे
इस काया के महल .....
इस काया में गुरू का द्दारा
इस काया के महल .....
इस काया में गंगा की धारा
इस काया में अलख उजयारा
इस काया के महल .....
फुलसन्दे वाले बाबा कहते
गुरू बिन जीव नरक दुःख सहते
इस काया के महल .....
ek tu sachcha tera naam sachcha


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