सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सत गुरू की गली में चल बन्दे satguru ki gali men chal bande ek tu sachcha tera naam sachcha

 

सत गुरू की गली में चल बन्दे दुनियां में तो हर तरफ अंधेरा है

 दिल का पर्दा उठाके देख जरा वहाँ मौजूद मालिक तेरा है

 संसार में तू परदेसी अपना वतन भुला बैठा 

मालिक का दर छोड के दुनियाँ से लगन लगा बैठा

 सतगुरू की गली.....

 पंथ ग्रन्थ  में फंसा तीरथ हजारों नहाए है 

गुरू की महर बिना कोई निर्मल ना होने पाए हैं 

सतगुरू की गली .....

 गुरू का शब्द जपे बिना मोक्षद्वार  नही पायेगा 

गगन में सूरत चढाके लाखों पर्दों   के पार तू जाएगा 

सतगुरू की गली ...

 फुलसन्दे वाले बाबा कहे देवी देवता जिसका ध्यान धरें

 वो साहिब तेरे घट में बिराजे  गुरू की मेहेर बिन न पायेगा  || 

सतगुरू की गली .......

लेखक एवं गायक : सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले 
एक तु सच्चा तेरा नाम सच्चा 
ek tu sachcha tera naam sachcha 

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