तेरी रोशनी भी है दुःखों का भी साथ है
मेरा मन आधे चाँद की रात है
हे परमेश्वर हे पार ब्रहम निरकार ज्योति अलखनिरंजन
ये तन मेरा जहर का प्याला मन की लहरो में तेरा उजाला
कभी धूप है सुख की कभी दुःख की रात है
मेरा मन आधे चाँद की रात है
जिसको भी देखो वो ही है वेगाना
पतझड ही पतझड बिराना ही बिराना
कोई मेरा हो या ना हो तू तो मेरे साथ है
मेरा मन आवे चांद की रात है
कभी देवताओं के संग संग फिरा मैं
कभी दुःख के हाथों में जा पडा मैं
कुछ मेरे करम बुरे कुछ किस्मत की बात है
मेरा मन आधें चांद की रात हे
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एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा
ek tu sachcha tera naam sachcha
लेखक :सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले


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