इस दुनिया मे तेरा कोई नही बोले जोगी का इकतारा
तेरे दुख ता साथी कोई नही बोले जोगी का इकतारा
ये काया जैसे फूस का पुतला आग लगे जल जावेगा
कच्चे घडे जैसा ये जग संतो पानी बीच घुल जावेगा
बोले जोगी ता इकतारा इस दुनियां में तेरा कोई नही
इस दुनिया मे तेरा कोई नही
दिल की चौखट पै बैठके अपने रब को पुकार
दोंनो दुनिया में अगर चाहते हे उजयार
इस दुनिया मे कोई नही ......
फूल चुने क्या इस दुनियां में काटों में बिध जाने है
जनम मरण के पार तुझे अपने प्रीतम घर जाना है
इस दुनियाँ में कोई नही हे ...
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लेखक एवं गायक :सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले


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