जब से बैठा हूँ मै आके तेरे दर के सामने
सामने मेरे खुदा है मै खुदा के सामने
तेरे दर की भीख जिसको तेरे हाथो मिल गयी
ठोकरें खाती है दौलत उस गदा के सामने
जाहिद तेरी अदा नमाज काबे गरम के सामने
हमने ते सर झुका दिया अपने सनम के सामने
आई हजारो मुश्किले आई हजारों आफते
भूला रहा सभी को मैं तेरे करम के सामने
जिसने हस्ती मिटायी है मंजिल उसी ने पाई है
काबा भी झुकने आ गया रुहे सनम के सामने सामने ||
ek tu sachcha tera naam sachcha
satpurush baba fulsande vale


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