कैसे आऊँ तेरे धौरे गुरू पियारे-ओ मनमीत हमारे
kaise aau tere dar par
ek tu sachcha tera naam sachcha
कैसे आऊँ तेरे धौरे गुरू पियारे-ओ मनमीत हमारे |
गिन गिन गाली देवे है माता, बाबा मुझको पहनी दिखाता |
घरवाली का चढा रहे माथा रोज करे है बिगाड खाता |
भाभी मेरी तानें मारे ,भैया कु्र्ता फाडे |
कैसे आऊ तौरे......
बाप भगती को बुरा बतावे घर में दारू पीके आवे |
यूँ कहे तुझको में भगत बनाऊँगा बालको कू तेरे आश्रम में हाक आऊँगा |
सारी दुनियाँ मेरी दुश्मन हो गई ,मुझे सगो ने छोड दिया रे |
गन्ना छुलने से पडा है गेहूँओ को पानी नहीं लगा है |
टैक्टर मेरा बिगडा खडा है कर्जा सिरपे चढ पडा है |
जो था पार वे दुश्मन बनके छाती पे आय चढा रे |
केसे आऊँ तेरे धौरे....
जब आराधना करे बैठा घर का कोई ना कोई ऐंठा |
क्या भय्या भनेउ क्या बेटा हर कोई मुझको ही देवे लपेटा |
सुन सुन के लोगों की बाते मैने जहर का घूट पियारे |
अब तो मेनें सुलफा भी छोड दिया रे |
कैसे आऊ तेरे .....
दिन भर काम कर के थक जाता फिर भी निकम्मा ही कहलाता
पैसे उधार लेके सतसंग में आता गुरू भाईयो के दुतकारे खाता
लोग कहें गुरू मुसलमान तेरा तेने घर का नाश करारे
कैसे आऊ तेरे....
फुलसन्दे तूने दूर बसाया मुझे इतना गरीब क्यों बनाया |
क्यों मेरे दिल में प्यार जगाया क्यों इतना मजबूर बनाया |
त्राहिमान त्राहिमान पुकारूँ खडा अपने गाँव के बाहरे |
कैसे आऊ तेरे .....
गुरू हमसे फिर यूँ समझावे मत इतना दुःख मन में ठावे
गुरू मेरा पारब्रह्म परमेश्वर मुझे सीने से लगावे लिपटावे
पाके प्यार गुरू का मुझको कोई ना दुःख रहा रे |
कैसे आऊ तेरे ....
आया करुंगा तेरे धौरे गुरू सारी दुनियाँ से बैर लिया है |
पल्ला तेरा पकड लिया है तुझ पै सब कुर्बान है मेरा
पीछा नहीं छोडुगा मैं तेरा, गुरू तुझसे हो गये मेरे फेरे ||


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