मैं धरती की धूलगरद तू नील गगन का तारा
बता फिर कैसे करू तेरी आराधना
प्रभू तुम दीपक और बाती
जिसकी जोत बलै दिन राती
तुम पूनम के चाँद मेरा
मन मावस का अंधियांरा
मेरी आत्मा फिरे उदासी
जैसे पानी में मीन प्यासी
परमेश्वर तेरा नाम है अमरत
ये भव सिन्धु खारा
कौन किसी का मीत है
जिन्दगी दुःख का गीत हे
फुलसन्दे वाले बाबा कहें ये दुनियाँ धुंध पसारा
कैसे करूँ तेरी आराधना
ek tu sachcha tera naam sachcha
लेखक एवं गायक : सतपुरुष बाबा फुल्संदे वाले


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