मेरी भी झोली भर दे बाबा फुलसन्दे वाले
लेके नसीब अपना आया हू दर पे तेरे
हम हे गुलाम तेरे क्यों डरे जमाने से
कौन हमको रोकेगा तेरे दर पे आने से
मेरी भी झोली ..............
मिल गया दामन तेरा हमको सर छुपाने को
देवता भी आते तेरे दर पे सर झुकाने को
मेरी भी झोली ...........
लाख आँधिया आऐं मुझको गम नहीं कोई
लाख मुश्किलें आऐं मुझको गम नहीं कोई
मेरी भी झोली ........
ek tu sachcha tera naam sachcha
एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा
लेखक :सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
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| satpurush baba fulsnde vale |


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