ek tu sachcha tera naam sachcha
सच्चा सतगुरू मुझे मिला खोले ब्रह्म कपाट
नैनन से दिखला दिया परमपुरख यही पास
जब मन मे प्रीतम बसा क्या डोलै संसार में
तन मन भीतर जोत बले हंस उडै उजियार में
फुलसन्दे वाले बाबा कहते प्रभ प्रीतम मै पाया
उस गुरू पै बल बल जाऊ जिन पर्दा खोल दिखाया
कर्म काण्ड से क्या होवे पैर गुरू के लाग
तब तेरी सोई आत्मा छिन में जावे जाग
सतगुरू के उपदेश को सदा सिर पै राख
छोड संग संसार का कर देगा तुझको खाक
फुलसन्दे वाले बाबा कहते जोत पुरख तो तुझमें
सांस सांस झंकार रहा सच्चा प्रीतम तुझमें॥
एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा


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