परमेश्वर की आरती
जय हो परमेश्वर ! तेरी जय हो परमेश्वर ! देवता करैं तेरी पूजा ।
एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा, हे पारब्रह्म परमेश्वर !
तेरी जय हो परमेश्वर ।।
तू ही पुरख सनातन आद पुरख तू ही ।
तू ही अलख निरंजन दुख भंजन तू ही।। तेरी जय हो परमेश्वर
ब्रह्मा वेद मंत्रों से तेरा गुणगान करें || तेरी जय हो परमेश्वर
तैतिस करोड़ देवता तेरी स्तुति करते ।
सप्तऋषि चारों जुग में तेरी वन्दना करते ।।
तेरी जय हो परमेश्वर मंत्र जपे जो तेरा भव से पार हुआ ।
जिसने करी गुरू सेवा घट उजयार हुआ || तेरी जय हो परमेश्वर
सतकरमों से देवता तेरी पूजा करते ।
मानुष पाप करते जनमते और मरते ।। तेरी जय हो परमेश्वर
दूर करो दुख मेरा तेरे चरण पडूं ।
पारब्रह्म परमेश्वर तेरी आराधना करूँ।। तेरी जय हो परमेश्वर
इन्द्रं मित्रं वरूणं लाखों नाम तेरे ।
तू तो एक ही ईश्वर हृदय बसो मेरे || तेरी जय हो परमेश्वर
कामी कोधी लालची कैसे भक्ति करें |
पाप की लपटों में जलते हाहाकार करें || तेरी जय हो परमेश्वर
मेरे तन के तीरथ में देवता स्नान करें ।
जपते एक निरंजन एक का ध्यान धरें || तेरी जय हो परमेश्वर
पारब्रह्म परमेश्वर गुरू सेवा से मिलता |
तीन लोक नौ खण्ड में उसका दिया जलता।। तेरी जय हो परमेश्वर
जो तेरी आरती करते सुख सम्पत्ति पाते ।
दुख संकट मिट जाते भव से तर जाते ।। तेरी जय हो
परमेश्वर देवता असुर कोई तेरा अन्त नहीं पाते ।
फुलसन्दे वाले बाबा तेरी स्तुति गाते ।। तेरी जय हो परमेश्वर ।


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