दिल के परदों में तेरा नूर झिलमिलाता है
दिल के परदों में तेरा नूर झिलमिलाता है।
देवता बनके कोई तेरी तरफ आता है।
तू ज़मीं आसमां और आत्मा का मालिक है
सबको रचता मिटाता तू ही खालिक है।
तुम मेरे पास होते हो जब कोई नहीं होता
एक उजाला होता है कुछ नहीं होता।
मैं जनम लूँ तो तुम्ही हो मरूँ तो तुम्हीं हो
मेरी हस्ती में मैं कहाँ तुम ही तो हो।
आँख बंद हो या खुली हों तू ही छाया दिल पे
रात दिन तेरा ही साया है मेरे इस दिल पे ।
बादल आते हैं बरस के चले जाते हैं
पाप पुण्य दुनियाँ में करके सब चले जाते हैं।
तुझको कोई बुरा कहे चुप रहना
लाख दुख सह के भी मुँह से कुछ नहीं कहना।
बाबा फुलसन्दे वाले कहते हैं
सतपुरूष बुरों का भी भला करते रहते हैं।
ek tu sachcha tera naam sachhcha
writer and singer: satpurusha baba fulsande wale

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