परमात्मा तेरी ज्योति जल थल में चमकती हैparmatma teri jyoti jal thal men chamkati hai || ek tu sachcha tera naam sachcha
परमात्मा तेरी ज्योति, जल थल में चमकती है
निर्मल हृदय में तेरी, किरण उतरती है।
छोटी-छोटी बातों में, हम उलझ के रह गये
देवों ने रतन चुग, हम तिनके चुगते रह गये।
हम दिल के हुजरे में, तुझे देखा करेंगे
दुनियाँ से दूर कहीं, तेरी पूजा किया करेंगे।
देवताओं ने तुझको,अपनी आँखों से देखा
इन्सानों ने दुख क्लेश के सिवा, कुछ नही देखा।
कोई मंदिर जाता है, कोई तीरथ जाता है
हे परमेश्वर बता, कौन तुझ तक जाता है।
क्या स्वर्ग में जाके करूँ, गंगा में नहाऊँ
मेरे दिल में तो तू बसा, तुझे एक पल ना भुलाऊँ।
मैं पंछी प्रभ तेरा, तेरे ध्यान में उड़ता।
जहाँ जहाँ मैं जाऊँ, तू संग संग फिरता।
कीचड़ में सने कपड़े, जो तू धो लेवेगा
वो परमपुरूष तुझको, सीने से लगा लेगा।
तारों के बीच में जैसे, चाँद चमकता है
ऐसे प्रभ तू मेरे माथे, पे चमकता है।
जब तू निर्मल होता, तो शिव बन जाता
ऐसे प्रभ तू मेरे, माथे पर चमकता है।
अपनी आत्मा में जिसने, पारब्रह्म को देखा
वो ही पंडित है उसने, सब कुछ देखा।
फुलसन्दे वाले बाबा, इन्सान खिलौना है
संसार काँटों का कभी, फूलों को बिछौना है।

1 Comments
छोटी-छोटी बातों में, हम उलझ के रह गये
ReplyDeleteदेवों ने रतन चुग, हम तिनके चुगते रह गये।
आपका हम स्वागत करते है