सच्चे सजन सुल्तान जपूँ मैं तेरा नाम,
चमके है तेरा चाँदना।
अम्बर में झिल मिल तारे करें हैं उजयारे,
चमके है तेरा चाँदना ।।
तू मेरा जोगी मैं तेरी जोगन अलख-पुरख परमात्मा ।
तू मेरा जोगी मैं तेरी जोगन अलख-पुरख परमात्मा ।
जन्म-जन्म से गीत तेरे गाती फिरे मेरी आत्मा ।।
ये संसार है सागर जैसा जिसमें है जीव असंख।
ये संसार है सागर जैसा जिसमें है जीव असंख।
किसी के भीतर मोती उपजे किसी के कूड़ा कंच।।
रात भर चन्दा नील गगन में मेरे संग गीतों को गाता।
रात भर चन्दा नील गगन में मेरे संग गीतों को गाता।
लेके फिरता तारों का कारवाँ तेरे चरण धोने आता।।
अपने संग रिला ले मुझको अपने गले लगा ले ।
अपने संग रिला ले मुझको अपने गले लगा ले ।
तू दरया मैं तेरी लहर पानी में पानी मिला ले ।।
पहले तूने ही प्रीत सिखाई अब क्यों पीछे हटता।
पहले तूने ही प्रीत सिखाई अब क्यों पीछे हटता।
तेरे कारन सोणे साजन मैं यहाँ-वहाँ भटकता।।
रस्ता सनातन टेढ़ा मेढ़ा ऋषि मुनि गिर-गिर पड़ते।
रस्ता सनातन टेढ़ा मेढ़ा ऋषि मुनि गिर-गिर पड़ते।
जिनका हाथ आप तू थामे तेरी सीढ़ी चढ़ते।।
किस लिये पर्दा मुँह पे डाले बैठा है मेरे दिल में ।
किस लिये पर्दा मुँह पे डाले बैठा है मेरे दिल में ।
आ कभी मेरी दुनियाँ में फ़रिश्तों की है तू महफिल में ।
काहे का हंकार करे औरों को ठगता फिरता।
काहे का हंकार करे औरों को ठगता फिरता।
कुत्ते की तरहा हर दम शिकार के पीछे लगा तू फिरता।।
मेरा पूरनधनी नहीं पंडित सा,
मेरा पूरनधनी नहीं पंडित सा,
सब का दिया हुआ जो ना खावै ।
वो तो भिलनी का मेहमान सबको गले लगावे ।।
अपने कर्मो के कारण हम तुझसे बिछुड़ गये हैं।
अपने कर्मो के कारण हम तुझसे बिछुड़ गये हैं।
अपनी सड़ी अकल के पीछे दुनियाँ में सड़ गये हैं।।
जब देवे तू रोशनी तब हम को दिखाई देगा।
जब देवे तू रोशनी तब हम को दिखाई देगा।
बादल हट जावें तो दिल में सूरज दिखाई देगा।।
मेरी दवाओं में एक दिन असर जरूर निकलेगा।
मेरी दवाओं में एक दिन असर जरूर निकलेगा।
इसी सियाह समन्दर से नूर एक दिन निकलेगा।।
अच्छे भी तेरे बुरे भी तेरे तू हमको अपनाले।
अच्छे भी तेरे बुरे भी तेरे तू हमको अपनाले।
तेरे द्वार पे झाडू लगावें अपना भंगी बनाले ।।
हम चिड़िया तू गरूड़ तेरे संग हमसे उड़ा ना जावे।
हम चिड़िया तू गरूड़ तेरे संग हमसे उड़ा ना जावे।
बैठाले पंखों से अपने अपने संग मिलाले ।।
किधर से आया है किधर है जाना पंछी करो विचार ।
किधर से आया है किधर है जाना पंछी करो विचार ।
बेगाने बन में तू उतरा रहना है दिन दो चार ।।
फुलसन्दे वाले बाबा कहते कब उससे मिलना होगा।
फुलसन्दे वाले बाबा कहते कब उससे मिलना होगा।
कैसे नज़रें मिलेंगी उससे जब सामने वो होगा।।
EK TU SACHCHA TERA NAAM SACHCHA BAJAN,
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SATPURUSH BABA FULSANDE WALON KE BHAJAN,

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