सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

रब करे के तेरा कारवाँ मंजिल पे पहुँच जाये ek tu sachcha tera naam sachcha

हे परब्रह्म परमेश्वर एक तू सच्चा  तेरा नाम सच्चा 

रब करे के तेरा कारवाँ मंजिल पे पहुँच जाये

रब करे के तेरा कारवाँ मंजिल पे पहुँच जाये।

मैं कर रहा हूँ दिल से तेरे वास्ते दुवायें।।

मुश्किल तो सब जगहा है चाहे रास्ता हो कोई।

तेरे रास्तों में रब करे मुश्किल कोई ना आये।।

इस ज़िन्दगी की राह में चलना संभल-संभल के।

वो चिराग तेरे दिल का ये हवा बुझा ना पाये।।

जब से बनी है दुनियाँ आत्माएँ हैं सफर में।

जाने कब वो मेरा दिलबर अपनी तरफ बुलाये ।।

मेरी तरफ भी देख ओ चाँद जैसे साजन।

तेरी बेरूखी से मेरा कहीं दिल ना टूट जाये।।

तेरी याद में बैठा हूँ मैं अपना सर झुकाये।

यहाँ दिल धड़कता है मेरा आवाज़ वहाँ जाये।।

तुझे घेर के खड़े हैं चारो ओर से फरिश्ते।

झुक झुक के देखता हूँ तेरी सूरत नज़र ना आये ।।

महबूब आज मेरा देखो बना है दूल्हा। ला लगा,

काला टीका के नज़र लग ना जाये।।

कुत्ता सराय का हो या गाँव का सूअर हो।

क्या रब से उसका वास्ता गंदगी में खुशी मनाये।।

है बहार जिन्दगी में जो नज़र गुरू से पाई।

वर्ना हजार वर्षों तक नहीं दोस्त नज़र आये।।

चश्में की तरफ चल जहाँ बहता है मीठा पानी।

किस काम का समन्दर जहाँ प्यास बुझ ना पाये।।

तू छुपा है आँख से मगर दिल में तो दीखता है।

तेरे रूप की चमक को कैसे जुबाँ बताये।।

एक रंग आसमान का सबमें वही समाया।

वो ही बादशा में,मेहतर में ,जो के गधे चुगाये।।

मैं रहने वाला गाँव का है गवाँरों जैसी बोली।

करदे अगर मेहेर तू तेरी खुशबू मुझमें आये।।

महबूब मेरे मुझको अपना तू बनाले।

मैंने अपनी ज़िन्दगी में सदमे बहुत उठाये।।

कहने लगे वो मुझको सीने से लगाके।

टपका जो मोती आँख से मट्टी में मिल ना जाये।।

जो चाहवे ज़िन्दगी में रोशनी को रब की।

फुलसन्दे वाले बाबा के गुलशन में वो आये।।




|| एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा ||

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