सुमरन करूं मैं तेरा ,
दिन-रात मेरे दिल में गूंजें है, नाम तेरा
संसार एक बन हैं दुःख दर्द की तपन हैं
जिस दिल में तू नहीं है
उस दिल में हैं अधेरा सुमरन करूँ मैं तेरा..... ।
उस दिल में हैं अधेरा सुमरन करूँ मैं तेरा..... ।
कोई नही किसी का,
एक भरम है आदमी का
दुनियाँ हैं रात दुःख की,
है उजाला नाम तेरा -
सुमरन करूँ मैं तेरा...|
मेरा दिल है एक समन्दर,
मेरा दिल है एक समन्दर,
जिसमे हैं तेरा मन्दर
तू नही तो इस जहाँ में,
कोई नहीं है मेरा
सुमरन करूँ मैं तेरा... ।
हैं मुसीबते तो क्या है ,
तेरा जो आसारा है
दिल की अँधेरी गलियों में,
चाँदना है तेरा सुमरन करूँ मैं तेरा.... ।
मुझे अपने दर पे रख ले ,
चदरी से अपनी ढक ले
क्यों साँई मेरे साहिब दुःख पावे दास तेरा


1 Comments
एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा
ReplyDeleteआपका हम स्वागत करते है