सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

निगाहें तुम्हें आज भी ढूँढ़ती हैं nigahe tumhe aaj bhi dudhti hai

निगाहें तुम्हें आज भी ढूँढ़ती हैं 

मेरी दुनियाँ छोड के चले जाने वाले

मैं पतझड़ के काँटों से आज भी बिंधा हूँ 
मैं गम के अंधेरों में डूबा हुआ हूँ
कभी मेरे संग थे तुम्हारे उजाले 

इस जिन्दगी का भरोसा नहीं है 
वक्त हमेशा एक-सा नहीं है। 
ek tu sachcha tera naam sachcha,satpurush baba fulsande vale
satpurush baba fulsande vale
कोई दुनियाँ में है कब तक कुछ पता नहीं है।।

हजारों दुखों से घिरी जिन्दगी है 
तेरे आगे रोना ही बन्दगी है
तेरी रजा में ही मेरी पसन्दगी है।।

तड़पती हुई मेरी चाहत है 
अब तक तुमसे ही मेरे दिल को राहत है 
अब तक हमें तुमसे फुलसन्दे वालों 
मुहब्बत है अब तक।।

तस्बीह के दानों में तेरी ही सूरत थी,
मुझको हर एक निगाह में तेरी ही सूरत थी। 
तूने जो भेजे थे मेरे पास फरिश्ते, 
तेरी ही महक थी उनमें तेरी ही सूरत थी।

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1 Comments

  1. एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा 🙏🏻

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