एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा
राग कान्हड़ा
उनके महल की खिड़की पर्दे खुले तो हैं
राग कान्हड़ा
दो जहाँ में है तेरा चाँदना *
ओ मेरे चाँद, मेरे आसमाँ मेरे सतगुरु मेहरबाँ ।।
वो रात भर फ़रिश्ते सितारों में झूमते *
वहाँ तक मेरी आवाज़ ना जाए तो क्या करूँ।
दो जहाँ में है तेरा चाँदना *
ओ मेरे चाँद, मेरे आसमाँ मेरे सतगुरु मेहरबाँ ।।
ओ मेरे चाँद, मेरे आसमाँ मेरे सतगुरु मेहरबाँ ।।
उनके महल की खिड़की पर्दे खुले तो हैं
मेरी ही नज़र देख ना पाए तो क्या करूँ।।
दो जहाँ में है तेरा चाँदना *
ओ मेरे चाँद, मेरे आसमाँ मेरे सतगुरु मेहरबाँ ।।
मयकश तो मैं नहीं हूँ अ मेरे हम नशीं
तू निगाहों से पिलाए तो, मैं क्या करूँ।।
ओ मेरे चाँद, मेरे आसमाँ मेरे सतगुरु मेहरबाँ ।।
मयकश तो मैं नहीं हूँ अ मेरे हम नशीं
तू निगाहों से पिलाए तो, मैं क्या करूँ।।
दो जहाँ में है तेरा चाँदना *
ओ मेरे चाँद, मेरे आसमाँ मेरे सतगुरु मेहरबाँ ।।
मुझको जुनूं नहीं है जो जागूं रात-भर
ओ मेरे चाँद, मेरे आसमाँ मेरे सतगुरु मेहरबाँ ।।
मुझको जुनूं नहीं है जो जागूं रात-भर
दिल को तेरा ख्याल सताए तो क्या करूँ।।
फुलसन्दे वाले बाबा बता दो मैं क्या करूँ
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| do jaha men hai tera chadana |
दो जहाँ में है तेरा चाँदना *
ओ मेरे चाँद, मेरे आसमाँ मेरे सतगुरु मेहरबाँ ।।
फूलों की चाह दिल में, और काँटों से डरते हो,
ओ मेरे चाँद, मेरे आसमाँ मेरे सतगुरु मेहरबाँ ।।
फूलों की चाह दिल में, और काँटों से डरते हो,
बड़े ना समझ हो दुनियाँ में जन्नत की तमन्ना करते हो।
मृत्यु के लोक में अमरत की चाह रखने वालो,
क्या खूब, गुरु से भी ऊँची तुम उड़ान उड़ते हो।
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सतपुरुषों की बातें बिना भाग्य के किसी को सुनने को नहीं मिलतीं।


2 Comments
आपकी जय हो सतपुरुष बाबा फुलसन्दे
ReplyDeleteek tu sachcha tera naam sachcha devta ji
Deleteआपका हम स्वागत करते है