सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले
सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले

कागज की नाव ek tu sachcha tera naam sachcha

कागज की नाव

कागज की नाव सागर का पानी ।

तेरी मेरी ऐसी जिन्दगानी ।।

रात दिन पंछी के दो पंख,

कभी पतझड़ कभी आये बसन्त ।

सुख दुख आते और चले जाते ,

जाने वाले कभी नहीं आते।।

सागर किनारे चाँदनी रातें,

तेरे मेरे प्यार की बातें।


तुम मुझे बुलाओ और मैं ना आउँ,

आकाश में पंछी बन के उड़ जाऊँ।।

दुनियाँ के दाग दिल पे ऐसे पड़े हैं,

आँखों में काँटे जैसे टूटे पड़े हैं।

प्यासे के हाथों में दो बूंद पानी,

जीवन की बस इतनी सी कहानी।।

फुलसन्दे वाले बाबा कहते,

ख्वाबों के पंछी तो उड़ते रहते ।।

 ek tu sachcha tera naam sachcha 

satpurush baba fulsande wale 

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1 Comments

  1. एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा

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