बिन बाती बिन तेल के दिया जले सारी रात
मेरे महल की छत पे चन्दा चमके चमके सारी रात
बिन बाती बिन तेल के दिया जले सारी रात ।।
अज्ञान की रात है ये दुनियाँ जिसमें डूबा संसार
मेरे दिल में तेरा चाँदना झिलमिल होवे उजयार ।
सत्तर करोड़ आत्मा जपती तेरा नाम
हर एक जिस्म में मैं खड़ा करूँ तुझे प्रणाम ।
शाम ढलने को आई मंजिल का कुछ पता नहीं
दिल को बहुत धोया मगर फिर भी दिल धुला नही।
पत्थर का टुकड़ा था मानुष देवता बना नहीं
तृष्णा के कीचड़ में सना निर्मल कभी हुआ नहीं।
काया में करतार समाया आँखों से वो नजर ना आया
नर -नर में निरंकार समाया हर में वो हर आप समाया।
चराचर में एक तेरा चाँदना तू ही नूर तू ही नारायण
मन के पीछे मूरख होवे गुरू ज्योति में ब्रह्म सूरत होवे ।
काया के महल में आप बिराजे परमेश्वर निरंकार
फुलसन्दे वाले बाबा कहें उठे अनहद झंकार |
ek tu sachcha tera naam sachcha
writer and singer : satpurush baba fulsande wale
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1 Comments
ek tu sachcha tera naam sachcha
ReplyDeleteआपका हम स्वागत करते है